रवि अपने बड़े भाई और भाभी के साथ शहर में रहता था। उसके माता-पिता गाँव में थे, और पढ़ाई के चलते वह यहाँ रह रहा था। उसकी भाभी, सुमन, बेहद खूबसूरत और समझदार थी। रवि की हर ज़रूरत का ख्याल रखती थी। धीरे-धीरे, रवि को अहसास हुआ कि वह अपनी भाभी की ओर आकर्षित हो रहा है।एक दिन बारिश हो रही थी, और बिजली चली गई। घर में बस मोमबत्ती की हल्की रोशनी थी। सुमन ने रवि से कहा, "रवि, ज़रा पानी लाना, बहुत प्यास लगी है।" रवि पानी लेकर आया, तो देखा कि सुमन भीग चुकी थी और उसकी साड़ी उसके बदन से चिपक रही थी। रवि की नज़रें सुमन पर टिक गईं।सुमन ने उसे पकड़ा और हँसते हुए कहा, "क्या देख रहे हो? कभी बारिश नहीं देखी क्या?" रवि घबरा गया और बोला, "न...नहीं भाभी, आप बहुत सुंदर लग रही हैं।" यह सुनकर सुमन हल्का सा मुस्कराई और पास आकर बोली, "शरारती लड़के, चलो, अंदर चलो, कहीं ठंड न लग जाए।"इस रात के बाद दोनों के बीच एक अजीब-सा रिश्ता बनने लगा। वे एक-दूसरे की आँखों में कई बातें पढ़ सकते थे, लेकिन यह जानते थे कि उनके बीच एक मर्यादा थी।
एक दिन बारिश हो रही थी, और बिजली चली गई। घर में बस मोमबत्ती की हल्की रोशनी थी। सुमन ने रवि से कहा, "रवि, ज़रा पानी लाना, बहुत प्यास लगी है।" रवि पानी लेकर आया, तो देखा कि सुमन भीग चुकी थी और उसकी साड़ी उसके बदन से चिपक रही थी। रवि की नज़रें सुमन पर टिक गईं।सुमन ने उसे पकड़ा और हँसते हुए कहा, "क्या देख रहे हो? कभी बारिश नहीं देखी क्या?" रवि घबरा गया और बोला, "न...नहीं भाभी, आप बहुत सुंदर लग रही हैं।" यह सुनकर सुमन हल्का सा मुस्कराई और पास आकर बोली, "शरारती लड़के, चलो, अंदर चलो, कहीं ठंड न लग जाए।"इस रात के बाद दोनों के बीच एक अजीब-सा रिश्ता बनने लगा। वे एक-दूसरे की आँखों में कई बातें पढ़ सकते थे, लेकिन यह जानते थे कि उनके बीच एक मर्यादा थी।अगर आपको इस कहानी में और रोमांस या सस्पेंस चाहिए, तो बताइए, मैं इसे आगे बढ़ा सकता हूँ!
भाभी का प्यार – भाग 2रवि और सुमन के बीच अब एक अजीब सा आकर्षण था, लेकिन दोनों अपनी भावनाओं को जाहिर नहीं कर रहे थे। सुमन को भी यह अहसास हो रहा था कि रवि की नज़रों में उसके लिए कुछ अलग ही भाव हैं। लेकिन वह एक संस्कारी औरत थी, जो अपनी मर्यादाओं को समझती थी।बारिश की रातउस रात के बाद, रवि अक्सर सुमन के पास बैठने के बहाने ढूँढता। कभी चाय पीते हुए, कभी घर के काम में मदद करने के लिए। सुमन भी उसकी इन कोशिशों को महसूस कर रही थी, लेकिन उसने कभी रवि को सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा।एक दिन फिर से बारिश हो रही थी। घर में भाई नहीं थे, वे अपने काम से दो दिन के लिए बाहर गए थे। सुमन बालकनी में खड़ी थी, जब रवि ने पीछे से आकर कहा,"भाभी, बारिश में भीगने का मज़ा ही कुछ और होता है, ना?"सुमन मुस्कुराई और बोली, "हाँ, लेकिन जब कोई तुम्हारी तरह किसी को लगातार देखे, तो बारिश और भी खास लगने लगती है।"रवि उसकी बात सुनकर थोड़ा झेंप गया। लेकिन सुमन ने पहली बार इतनी खुलकर बात की थी।करीबियों की हदसुमन का पल्लू कंधे से सरक गया था, और रवि की नज़रें उस पर टिक गईं। सुमन ने ध्यान दिया और धीरे से कहा,"रवि, तुम कुछ ज्यादा ही शरारती होते जा रहे हो।"रवि ने धीरे से कहा, "भाभी, आप सच में बहुत खूबसूरत हैं..."सुमन ने उसकी आँखों में देखा, जैसे कुछ सोच रही हो। लेकिन अगले ही पल उसने खुद को संभाला और बोली,"रवि, कुछ रिश्तों की एक सीमा होती है, और हमें उसे पार नहीं करना चाहिए।"रवि को समझ आ गया कि भाभी भी कुछ महसूस करती हैं, लेकिन वह इस रिश्ते को किसी गलत मोड़ पर नहीं जाने देना चाहतीं।क्या होगा आगे?क्या रवि और सुमन अपनी भावनाओं को काबू में रख पाएंगे? या फिर उनकी भावनाएँ एक हद पार कर जाएँगी?



Wah kya BEAUTIFUL story hai ji
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